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मशरूम की खेती का व्यापार, कमाये 10 लाख रुपये प्रति माह, जाने कैसे।

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मशरूम की खेती का बिजनेस यह विभिन्न प्रकार की खेती यों में से काफी फायदेमंद खेती है काफी फायदेमंद बिजनेस है। इस बिजनेस में आपको कम निवेश लगाकर ज्यादा फायदा कमाने का मौका मिलता है।

और वही मशरूम के बिजनेस में जगह की भी आवश्यकता काफी कम लगती है। तो अगर आप भी कम निवेश कर कर और आपके पास जगह भी काफी कम है और आप एक अच्छा बिजनेस करने के बारे में सोच रहे तो आपको मशरूम का बिजनेस करना काफी फायदेमंद होगा क्योंकि इसमें कम लागत में 10 गुना जितना मुनाफा कमाया जा सकता है

वहीं अगर इस बिजनेस के भविष्य की बात करें तो इसका भविष्य भी काफी उज्जवल दिखाई देता है क्योंकि मशरूम की डिमांड दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है भारत में ही ना केवल पूरे विश्व भर में मशरूम की डिमांड तेजी से बढ़ रही है क्योंकि मशरूम काफी फायदेमंद होता है यह लो कोलेस्ट्रॉल और हाई प्रोटीन से भरपूर होता है वही कैंसर जैसी बीमारियों में भी इसका उपयोग किया जाता है।

मशरूम के ढेर सारे फायदों के कारण इसका उपयोग खाने के तौर पर आचार सब्जी वगैरह में किया जाता है। जिसके कारन इसकी डिमांड तेजी से बढ़ रही है।

चलिए जानते हैं कि मशरूम की खेती का बिजनेस कैसे किया जाता है।

मशरूम की खेती का बिजनेस करने में आपको सबसे पहले मशरूम की खेती करने में पढ़ती है।

मशरूम की खेती कैसे होती है

मशरूम के विभिन्न प्रकारों में से बटन मशरूम की सबसे ज्यादा डिमांड मार्केट में है। इसलिए बटन मशरूम की खेती का बिजनेस आपको काफी फायदेमंद हो सकता है।

Buttom Mushroom

बटन मशरूम की खेती के लिए अक्टूबर से फरवरी के बीच का समय काफी अनुकूल रहता है। इसकी खेती करने के लिए आपको गेहूं तथा चावल के भूसे की जरूरत होती है इस गेहूं तथा चावल के भूसे में विभिन्न प्रकार की कीटनाशक केमिकल को मिलाकर उसे पानी में योग्य अनुपात में मिलाकर एक कंपोस्ट खाद बनाई जाती है।

मशरूम की खेती का व्यापार

कंपोस्ट खाद तैयार होने में महीने भर का वक्त लगता है इसके बाद किसी सख्त जगह पर कंपोस्ट खाद की 6 से 8 इंच मोटी परत बिछाकर मशरूम के बीज लगाया जाते हैं जिसे स्पॉनिंग भी कहते हैं।

और पड़े: जानें कम्पोस्ट खाद किस तरह तैयार करें

मशरूम की खेती का व्यापार, कमाये 10 लाख रुपये प्रति माह, जाने कैसे।

कंपोस्ट खाद तथा मशरूम के बीज को एक थैली में विभिन्न परत में भरकर बंद कमरे में ढक कर रख दिया जाता है। करीब 40 से 50 दिन में आपका मशरूम काटकर बेचने लायक हो जाता है।

तो इस तरह मशरूम की खेती की जाती है ध्यान रहे कि मशरूम की खेती मैं 20 डिग्री सेल्सियस से 25 डिग्री सेल्सियस तक तापमान होना चाहिए वही हवामान में नमी की मात्रा 70% से कम नहीं होना चाहिए। वही मसरूम के बीच हवा लगने के कारण खराब हो जाते हैं इसलिए इसकी खेती बंद कमरे में ही होनी चाहिए।

वही मशरूम की खेती के बारे में डिटेल में जानने के लिए हमारे डेडीकेटेड आर्टिकल को भी पढ़ सकते जहां पर हमने पूरे संक्षिप्त में बताया है कि मशरूम की खेती करने में कौन-कौन से स्टेप्स आते हैं कंपोस्ट खाद को किस तरह तैयार किया जाता है और मशरूम की खेती में किन किन बातों का ध्यान रखना काफी जरूरी है तो उस जरूर उस आर्टिकल को जाकर पड़े जिससे आपको खेती करते समय काफी आसानी होगी

और पढ़े : जानें मशरूम की खेती कैसे होती है।

मशरूम की खेती में कितनी लागत लगेगी

अगर आप छोटे पैमाने पर मशरूम की खेती करना चाहते हैं तो आपको बहुत ही कम लागत लगेगी आप इस मशरूम की खेती 5000 से 10000 के रुपए की लागत पर शुरू कर सकते हैं कंपोस्ट खाद आपको रेडीमेड बाजार में सरलता से मिल जाएगा जिसमें आपको बीच लगाकर 40 से 50 दिनों में मशरूम की उत्पादन कर सकते हैं।

वहीं अगर आप बड़े पैमाने में बड़े पैमाने पर मशरूम की खेती करने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको लगभग एक लाख से दो लाख रुपये जितना लागत लग सकती है क्योंकि इसमें आपको काफी बड़ी जगह बंद कमरे की जरूरत होगी और तापमान को मेंटेन करने के लिए आपको एयर कंडीशनिंग डिवाइस की भी जरूरत होगी।

अगर प्रति किलो मशरूम के पीछे आने वाले लागत की बात करें तो वह करीबन 25 से ₹30 का खर्च इस बिसनेस में आएगा।

मशरूम की खेती में कितना मुनाफा होगा

अगर हम मशरूम की खेती पर होने वाले मुनाफे की बात करें तो बाजार में प्रति किलो मशरूम की कीमत 250 से 300 रुपये कम से कम होती है वहीं अगर आपकी किस्म और मशरूम की क्वालिटी काफी अच्छी रही तो वह ₹500 प्रति किलो से 1000 रुपए प्रति किलो तक भी बिकती है तो अगर हम प्रति किलो मुनाफे की बात करे तो वह कम से कम लगत मूल्य का 10 गुना होगा।

अगर इस बिसनेस में 100000 रुपये की लागत का 10 गुना मुनाफा देखे तो आप सरलता से एक से दो महीने में 10,000,00 रुपये जितना मुनाफा कमा सकते है। जो की अन्य खेती की तुलना में काफी बेहतर है।

और पढ़े : मशरुम की खेती में किन बातो का ध्यान रखना जरूरी है

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